‘वाह जी वाह, क्या बात है। मुफ्त बांटा जाय और पैसा कमाया जाय। लगता है कि उन्मुक्त जी पर होली का नशा नहीं उतरा है।’
चलिये मैं आपको कुछ दिन पहले अफ्रीका के एक वित्तीय संस्थान के अफसर की बात बताता…
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Roman Hindi, Bangla Gujarati, Gurumukhi, Kannada, Malayalam, Oriya, Tamil, Telguदेवनागरी चिट्ठियों और हिन्दी पॉडकास्ट का - उन्मुक्त फीड एग्रेगेटर: सबका स्वागत हैं यहां।
मैं उन्मुक्त हूं - हिन्दुस्तान के एक कोने से एक आम भारतीय। आपको तो मालुम ही है कि मैं हिन्दी - देवनागरी लिपि - में तीन चिट्ठे लिखता हूं,
मेरे एक मित्र के पुत्र की आखें कमजोर हैं वह अक्सर ऐसे प्रोग्राम के बारे में पूछता रहता है जिसमें पढ़ना न पड़े और वह सुन सके। इसलिये एक पॉडकास्ट 'बकबक' नाम से शुरू की। पॉडकास्ट की बहुत सारी फाईलें ogg, ओपेन सोर्स फॉरमैट, मे हैं। इस फॉरमैट की फाईलों को आप,
सुन सकते हैं। मैं ऑडियो फाईलें ogg फॉरमैट में क्यों रखता हूं इसके लिये आप मेरी चिट्ठी पापा, क्या आप उलझन में हैंं पढ़ सकते हैं।
मेरे तीनो चिट्ठों एवं पॉडकास्ट की सारी पोस्टें, कॉपी-लेफ्टेड हैं। आपको इनका प्रयोग व संशोधन करने की स्वतंत्रता है। मुझे प्रसन्नता होगी यदि आप ऐसा करते समय इसका श्रेय मुझे (यानि कि उन्मुक्त को), या इस पॉडकास्ट को दें और अच्छा हो कि उस पोस्ट से लिंक दे दें। मुझे और भी प्रसन्नता होगी यदि इनका उपयोग ऐसे लोगों के लिये किया जा सके जिनकी आखें कमज़ोर हैं।
मेरे हर चिट्टे की तरह 'चिट्ठे और पॉडकास्ट' भी कॉपी लेफ्टेड है। आपको इसका किसी तरह से प्रयोग करने की स्वतंत्रता है।
यह फीड एग्रेगेटर - क्यों बनाया, कैसे बनाया - यह सब आप मेरी चिट्ठी अन्तरजाल पर हिन्दी कैसे बढ़े की चिट्ठी पर पढ़ सकते हैं। इसके लिये - आर्थिक या तकनीक के सहयोग की नहीं - किसी अन्य कुछ सहयोग की आवश्यकता है - यहां पढ़ें।
मेरी पत्नी भी एक चिट्ठा 'मुन्ने के बापू' के नाम से ब्लॉगर पर लिखती है। हमारे में बारे में आप 'भारतीय भाषाओं के चिट्ठे जगत की सैर' चिट्ठी पर पढ़ सकते हैं।
अन्य हिन्दी चिट्ठों में प्रवष्टियों बताने वाली वेबसाईटों की सूची यहां देखें। हिन्दी में चिट्टा लिखने के सम्बन्ध में अक्सर पूछे जाने वाले सवाल और जवाब यहां देखें।
मुझसे समपर्क का पता यह है।
‘वाह जी वाह, क्या बात है। मुफ्त बांटा जाय और पैसा कमाया जाय। लगता है कि उन्मुक्त जी पर होली का नशा नहीं उतरा है।’
चलिये मैं आपको कुछ दिन पहले अफ्रीका के एक वित्तीय संस्थान के अफसर की बात बताता…