December 2007
स्कॉट की आखिरी यात्रा - उसी की डायरी से: सैर सपाटा... →
इस चिट्ठी में स्कॉट की आखिरी यात्रा (Scott’s-last-Expedition) नामक पुस्तक की समीक्षा है। इसे आप सुन भी सकते है। सुनने के लिये यहां चटका लगायें। यह ऑडियो फाइल ogg फॉरमैट में है। इस फॉरमैट की फाईलों को आप,
Windows पर कम से कम Audacity, MPlayer, VLC media player, एवं Winamp में;
Mac-OX पर कम से कम Audacity, Mplayer एवं VLC में; और
Linux पर सभी प्रोग्रामो में,
सुन सकते हैं। ऑडियो फाइल...
बॉक्सर देखने में डरावने पर वास्तव में प्यारे →
मैंने पिछली चिट्ठी में आने वाले नये मेहमान की चर्चा की थी। उसमें एक बीगल (beagle) था और दूसरा बॉक्सर (boxer)। मेरे भाई के बेटे को बीगल पसन्द आया। उसने उसे ले लिया - बॉक्सर हमारे जिम्मे। हमने नये मेहमान को ठीक से पालने के लिये Boxers नाम की पुस्तक खरीद कर लाये। इसे Edward Winston Cavanaugh ने लिखा है। बॉक्सर देखने में डरावने लगते हैं पर वास्तव में इनका स्वभाव एकदम उल्टा होता है: यह उतने ही प्यारे...
बर्लिन दीवार का टूटना और दिलों का मिलना →
बर्लिन दीवार १९६१ में बनी थी और १९९० में, तोड़ दी गयी है। इस समय, दिखाने के लिये कि बर्लिन दीवाल को फांदते हुऐ ९० लोग मार दिये गये यह कैसी थी, कुछ जगह उसी तरह से है। बर्लिन दीवार, जहां पर हटा दी गयी है, वहां दो ईंटो की लाइन बिछी है जिससे पता चलाता है कि यहां पर बर्लिन दीवार थी। जगह-जगह उसमें लोहे की प्लेट जड़ी है। जिस पर नम्बर लिखें हैं। शायद किसी निश्चित जगह से उसकी दूरी बताते हैं। बर्लिन दीवाल...
सहायता और सुझाव →
पहले सहायता
कुछ दिन पहले मैंने अपने उन्मुक चिट्ठे पर एक चिट्ठी कॉनटिकी अभियान और दूसरी उसके नायक Thor Heyerdahl के बारे में लिखी थी। मुझे Thor Heyerdahl का सही उच्चारण नहीं मालुम है इसलिये इसे हिन्दी विकीपीडिया पर नहीं डाल पाया हूं। यदि कोई चिट्ठाकार बन्धु इसका उच्चारण, देवनागरी में टिप्पणी कर बता देगा तो मैं इस सामग्री को हिन्दी विकिपीडिया पर डाल सकूंगा।
अब एक सुझाव
मैं, लगभग १८ महीने से,...
The file 'Scott's Last Expedition' was added by... →
Scott’s Last Expedition.ogg
यह पॉडकास्ट Scott’s Last Expedition पुस्तक की पुस्तक समीक्षा है और मेरी श्रंखला ‘सैर सपाटा - विश्वसनीयता, उत्सुकता, और रोमांच’ की आखरी कड़ी है। यह ogg फॉरमैट में है। इस फॉरमैट की फाईलों को आप, * Windows पर कम से कम Audacity एवं Winamp में; * Linux पर लगभग सभी प्रोग्रामो में; और * Mac-OX पर कम से कम Audacity में, सुन सकते हैं।
आडियो सुना, बहुत विस्तार से जानकारी दी गई है.... →
आडियो सुना, बहुत विस्तार से जानकारी दी गई है. मेरा सुझाव है कि हर चिट्ठाकार इसे सुन ले. ओग फर्मेट को वी एल सी बहुत अच्छी तरह से सुना देता है. इसे निम्न स्थान से प्राप्त करें http://www.videolan.org/vlc/ — hindi-blog-podcast
बैंडविड्थ की चोरी - क्या यह गैर कानूनी है →
आज चर्चा का विषय है: बैंडविड्थ की चोरी - क्या यह गैर कानूनी है। इसे और इसकी अगली कड़ी ‘बैंडविड्थ की चोरी - कब गैर-कानूनी है’, को आप सुन भी सकते है। सुनने के लिये यहां चटका लगायें। यह ऑडियो फाइल ogg फॉरमैट में है। इस फॉरमैट की फाईलों को आप,
Windows पर कम से कम Audacity एवं Winamp में;
Linux पर सभी प्रोग्रामो में; और
Mac-OX पर कम से कम Audacity में, सुन सकते हैं।
ऑडियो फाइल पर चटका...
ऑफिस, स्कूल साइकिल पर – स्वास्थ भी ... →
मेरे पास समय होता तो मैं भी किराये पर साइकिल लेकर घूमना पसन्द करता। यूरोप में साइकिल चलाने का काफी चलन है। इसके दो बड़े कारण हैं। …
एक छोटी से प्रेम कहानी →
आज सात साल बाद अचानक रुबिया को देख मनोहर के खुशी का कोई ठिकाना नही था और रुबिया तो युं चहक रही थी की जैसे आज सारा आसमॉ उसका हो. …
सामाजिक न्याय का महायान →
लेकिन स्वयम् लोहिया का व्यक्तित्व इतना विरोधाभासी था कि आज यह समझना कठिन है कि वह चाहते क्या थे। अपनी राजनीति को पुख्ता करने के …
सामाजिक न्याय का महायान →
लेकिन स्वयम् लोहिया का व्यक्तित्व इतना विरोधाभासी था कि आज यह समझना कठिन है कि वह चाहते क्या थे। अपनी राजनीति को पुख्ता करने के …
प्रतिक्रिया →
जहां तक फिल्म वालों का प्रश्न है-वह आगे ही हिन्दी भाषा और हिन्दी व्याकरण की काफी दुर्दशा कर चुके हैं। आशा है आप मेरी बात को अन्यथा न …
मुफ्त चित्र: 5 नये जालस्थल →
शर्त सिर्फ इतना है कि हर चित्र के साथ इनकी एक कडी देनी होगी जो कि एक आसान शर्त है. Illustration: Jeff द्वारा यह शर्त मैं ने पूरी की है. आप भी …
कविताओं में नंदीग्राम →
उसकी आवाज में आवाज मिलाते रहे हैं। अभी हाल ही में जब नंदीग्राम में किसानों का निर्मम नरसंहार हुआ तो वह अपनी कविताओं के साथ सड़कों …
उत्तर प्रदेश का कुरूक्षेत्र →
जिस तरह से प्रशासनिक मशीनरी का समाजवादी पार्टी इस्तेमाल कर रही थी वह चुनाव आयोग की नजर में था इसलिए उत्तर प्रदेश के पुलिस प्रमुख, …
फौजी शासन के निशाने पर न्यायपालिका ... →
इतना ही नहीं वहां के प्रतिष्ठित अखबार ‘डॉन` को जो सरकारी विज्ञापन दिये जा रहे थे, वह भी तत्काल प्रभाव से रोक दिए गए हैं। …
दवाएं और मंत्री की घोषणा →
समाजवादी नेता रामविलास पासवान की यह कोई समाजवादी पेशकश नहीं थी। २०० प्रतिशत मुनाफा बहुत ज्यादा होता है। भारत की दवा कंपनी ने इतना …
रेल कर्मी और बैंक से सेलरी →
वह अजमेर से आता था। उसे लेने के लिये ट्रेनिंग केंद्र की बस उदयपुर रेलवे स्टेशन जाती थी। सवेरे से ही सभी चर्चा रत होते थे कि आज …
सर्वोच्च न्यायालय की सक्रियता पर सवाल →
यह मामला काफी कुछ सांसदों को सवाल पूछने के लिए घूस देने जैसा है। संसद ने प्रलोभन में फंसे अपने सदस्यों की सदस्यता रद्द कर दी थी। …
हिम्मत है तो पैदल चल →
नवभारत टाइम्स हिंदी दैनिक में 17 दिसम्बर 2007 को कांटे की बात स्तंभ में प्रकाशित व्यंग्य का लिंक http://navbharattimes.indiatimes.com/articleshow/2626422.cms …
तुर्कमेनिस्तान का अनिश्चित भविष्य →
इन्हीं चीजों के कारण राष्ट्रपति सपरमुरात नियाजफ की जो छवि थी वह आलोचना बिलकुल न सह सकने वाले, राजनीतिक विरोधियों को किसी भी तरीके …
तुर्कमेनिस्तान का अनिश्चित भविष्य →
इन्हीं चीजों के कारण राष्ट्रपति सपरमुरात नियाजफ की जो छवि थी वह आलोचना बिलकुल न सह सकने वाले, राजनीतिक विरोधियों को किसी भी तरीके …
यह सीधे-सीधे युद्ध है और हर पक्ष अपने ... →
शोमा चौधरी : आपने एक बार टिप्पणी की थी कि आप खुद हालांकि हिंसा का आश्रय नहीं लेंगी, आप सोचती हैं कि देश की वर्तमान परिस्थतियों में …
गुलामगिरि →
बाद में समय के अनुसार वह भी झूठा साबित हो ही जाता है। यदि यही है, तो शूद्रादि-अतिशूद्र किसी समय ब्राह्मण पुरोहितों के जुल्म और …
क्रिकेट-कथा वाया मीडिया →
लेकिन मेरे पास मुकम्मल तर्क हैं। क्रिकेट जिस तरह से न्यूज चैनलों की स्थाई खुराक बन चुका है, वह किसी से छिपा नहीं है। खेल तो पहले भी …
राम बाबू तुमन सुरता करथौ रे मोला : डॉ ... →
विजयलाल जी बतलाते हैं कि उन्हें इतने गुस्से में कभी नहीं देखा था । मुझे लगता है कि उनका गुस्सा उचित ही था । ‘सरस्वती’ के संपादक के …
क्रिकेट-कथा वाया मीडिया →
लेकिन मेरे पास मुकम्मल तर्क हैं। क्रिकेट जिस तरह से न्यूज चैनलों की स्थाई खुराक बन चुका है, वह किसी से छिपा नहीं है। खेल तो पहले भी …
चालू चैनल पर मौत के सौदागर →
मैं गया वहां तो नये सीरियलों पर चर्चा चल रही थी। नाम बताओ नये सीरियल का क्या हो सकता है-बास ने पूछा। मौत का सौदागर-मैंने बताया। …
काबुली वाले के देश में →
बिना बोले वे जंग की उस दर्दनाक सच्चाई को बयान कर डालते हैं। जॉन जिस बच्चे को अपने साथ वर्जिश करने के लिए बुला रहे थे वह अपंग था। …
काबुली वाले के देश में →
बिना बोले वे जंग की उस दर्दनाक सच्चाई को बयान कर डालते हैं। जॉन जिस बच्चे को अपने साथ वर्जिश करने के लिए बुला रहे थे वह अपंग था। …
राम बाबू तुमन सुरता करथौ रे मोला : डॉ ... →
विजयलाल जी बतलाते हैं कि उन्हें इतने गुस्से में कभी नहीं देखा था । मुझे लगता है कि उनका गुस्सा उचित ही था । ‘सरस्वती’ के संपादक के …
और बुद्ध को ईश्वर बना दिया →
तत्कालीन समाज में बौद्धधर्म के लिए एक आलोचना सी चलती थी कि यह कैसा धर्म है जिसमे गृहस्थों के लिए मुक्ति का मार्ग ही नहीं है। …
और बुद्ध को ईश्वर बना दिया →
तत्कालीन समाज में बौद्धधर्म के लिए एक आलोचना सी चलती थी कि यह कैसा धर्म है जिसमे गृहस्थों के लिए मुक्ति का मार्ग ही नहीं है। …
कितनी जाने बचा सकती है मधुमेह के ... →
50000 तालिकाओ को पूरा करने के बाद मैने अब तक के अनुभवो के आधार पर एक आलेख लिखा है जो कुछ पलो पहले ही इकोपोर्ट पर प्रकाशित हुआ है। आप …
कितनी जाने बचा सकती है मधुमेह के ... →
50000 तालिकाओ को पूरा करने के बाद मैने अब तक के अनुभवो के आधार पर एक आलेख लिखा है जो कुछ पलो पहले ही इकोपोर्ट पर प्रकाशित हुआ है। आप …
काश गन से गिटार बनाई जाए ! →
लेकिन हम यह तो अनुभव कर ही सकते हैं कि दुनिया में कोई भी राइफल या पिस्तौल से जुड़ी हिंसा को पसन्द नहीं करता बल्कि अपने अपने तरीके से …
अगहन की एक रात-बात कविताओं की →
रात गहराती जा रही थी और कवि सम्मेलन अपनी ऊंचाइयों को छू रहा था, अब भी जो शेष कवि थे उनकी रचनाएं कुछ कम विशेष नहीं हैं, लेकिन उनके लिए …
अगहन की एक रात-बात कविताओं की →
रात गहराती जा रही थी और कवि सम्मेलन अपनी ऊंचाइयों को छू रहा था, अब भी जो शेष कवि थे उनकी रचनाएं कुछ कम विशेष नहीं हैं, लेकिन उनके लिए …
समाचारपत्र उद्योग में संकेन्द्रण का ... →
जैसे बड़ी मछली छोटी मछली को खा जाती है और जैसे बड़ी कंपनियां छोटी कंपनियों को हजम कर जाती हैं, वैसे ही बड़े अखबार समूह छोटे और …
समाचारपत्र उद्योग में संकेन्द्रण का ... →
जैसे बड़ी मछली छोटी मछली को खा जाती है और जैसे बड़ी कंपनियां छोटी कंपनियों को हजम कर जाती हैं, वैसे ही बड़े अखबार समूह छोटे और …
एक कदम आगे दो कदम पीछे... →
जाहिर है कि यह तो शुरूआत थी और नौकरशाही को यह भय होने लगा था कि आने वाले दिनों में ऐसी सूचनाओं की मांग बढ़ेगी और उसे नकारना मुश्किल …
पर्दा हटाया ही कहां है?-ग़ज़ल →
देखता है वो मुझे, पर दुश्मनों की ही नज़र से दुश्मनी में भी मगर दिल से भुलाया ही कहां है? ग़ैर की बाहें गले में, उफ़ न थी मेरी ज़ुबां …
पर्दा हटाया ही कहां है?-ग़ज़ल →
… में ये मञ्ज़र दिखाया ही कहां है? शीशा-ए-दिल तोड़ना है तेरे संगे-आसतां पर तेरे दामन पे लहू दिल का गिराया ही कहां है? ख़त लिखे थे […]
मौत का सौदागर कौन →
मौत के सौदागर आतंकवादी होते हैं। आतंकवादियों को मारना राजधर्म ही नहीं राष्ट्रधर्म भी है। अपने इस धर्म का पालन करने के लिए वह …
कभी पृथवी जैसा था मंगल →
पुराणों में भी इसके बारे में बहुत कुछ कहा गया है। रोमन संस्कृति में मंगल युद्ध के देवता मार्स क्रेडिबस का प्रतीक था। …
'कि हिन्दी में कुछ नहीं लिखा जा रहा है' →
बिना चप्पू-लंगर यह सैर ज़रा आंधी में मत उडियो खाना खा लेटी ही थी झांसी की रानी थोडा वहीं खाट के पास बंधा था उस का मश्की घोडा …
हिन्दुस्तान हमारा है →
हिन्दुस्तान हमारा है हिन्दुस्तान कशमशा रहा है भारत माँ के अंगो पर ये कैसा नासुर फैल रहा देव भूमि पर कैसा तांडव हो रहा रंगों की होली …
श्वेता.... →
क्षित की भी तुम सुन्दर-आभा नील-गगन की हो परिभाषा है पावक तुमसे ही शोभित जल की हो तुम ही अभिलाषा है समीर तुमसे ही चंचल, द्रुपद- सुता …
कुर्बानी: आज का सत्य क्या है? →
सच बात है कि मैं ने किया था वायदा, चुनाव लडने से पहले, कि तोड लाऊंगा इस गांव के लिये तारे आसमान के. मजबूरी है अब कि शायद कर न पाऊं अधिक …
अपना चिट्ठा/जालस्थल लुटेरों से ... →
आप में से बहुत से हिन्दी चिट्ठाकरों ने मुफ्त जालस्थलों पर चिट्ठे बना रखें हैं. इसमें कोई बुराई नहीं है, बशर्ते आपके लेखन की कीमत …